“मेरे नेफ्रोलॉजिस्ट भी हैरान रह गए। तीन साल के सामान्य इलाज से जो नहीं हुआ, वह डॉ. जोशी’ज के इलाज से हुआ।”
किडनी की बीमारी से लड़ें, डायलिसिस से पहले।
जितने महीने क्रिएटिनिन बढ़ता रहता है, किडनी की उतनी क्षमता घटती है जो शायद वापस न आए। 6 महीने नियमित इलाज लेने वाले 94% मरीज़ सालों से बिना डायलिसिस और बिना ट्रांसप्लांट के जी रहे हैं।
असली आंकड़े। खोखले वादे नहीं।
क्लिनिक का डेटा। स्टेज 2–4 का आंकड़ा क्लिनिक के रिकॉर्ड से, 2023–2026। परिणाम व्यक्ति के अनुसार अलग हो सकते हैं।
किडनी रातोंरात खराब नहीं होती। कुछ है जो अब भी उसे नुकसान पहुँचा रहा है।
ज़्यादातर इलाज सिर्फ़ रिपोर्ट संभालते हैं। आपके आंकड़े क्यों बढ़ रहे हैं, हम वह ढूंढते हैं और उसी का इलाज करते हैं।
डायबिटीज
सालों तक बढ़ी हुई शुगर किडनी की छलनियों को नुकसान पहुँचाती है। भारत में CKD की यह सबसे बड़ी वजह है।
हाई ब्लड प्रेशर
अनियंत्रित BP किडनी को खून पहुँचाने वाली बारीक नसों को सख़्त कर देता है।
पेनकिलर और दवाइयाँ
रोज़ के पेनकिलर और कुछ सप्लीमेंट पहले से कमज़ोर किडनी पर चुपचाप ज़ोर डालते हैं।
पथरी और इन्फेक्शन
बार-बार होने वाली पथरी और पेशाब के इन्फेक्शन हर बार नुकसान छोड़ जाते हैं।
सूजन और आम
आयुर्वेद आंकड़ों के पीछे की सूजन और शरीर में जमा विषैले तत्व (आम) को देखता है।
आपकी स्टेज के लिए गलत खान-पान
ज़्यादा नमक, प्रोटीन या पोटैशियम बीमारी को तेज़ी से बढ़ाते हैं।

हर विज़िट पर, हर आंकड़े की जांच।
हर विज़िट पर क्रिएटिनिन, eGFR, यूरिया और इलेक्ट्रोलाइट्स जांचे जाते हैं और आपके नेफ्रोलॉजिस्ट के साथ साझा किए जाते हैं। अंदाज़े पर कुछ नहीं बदला जाता।
हम क्या जांचते हैं
- सीरम क्रिएटिनिन
- eGFR
- ब्लड यूरिया
- पोटैशियम
- फॉस्फोरस
- हीमोग्लोबिन
- यूरिक एसिड
- HbA1c
- पेशाब में प्रोटीन
असली मरीज़। असली रिपोर्ट।
वे बढ़ते क्रिएटिनिन और डायलिसिस की चेतावनी के साथ हमारे पास आए। देखिए, उसके बाद उनकी रिपोर्ट में क्या दिखा।
“दो साल से क्रिएटिनिन बढ़ रहा था। फिर वह कम हुआ और स्थिर रहा। मेरे नेफ्रोलॉजिस्ट को यक़ीन नहीं हुआ।”
“दोनों बीमारियों का एक साथ इलाज कोई नहीं कर रहा था। पूरी तस्वीर देखने वाला डॉ. जोशी’ज ही अकेला क्लिनिक था।”
जितनी जल्दी शुरुआत, उतनी ज़्यादा किडनी बचाई जा सकती है।
CKD में गई किडनी की क्षमता शायद ही वापस आती है। इंतज़ार का हर महीना इलाज की गुंजाइश कम करता है।
इलाज का सबसे अच्छा समय
लक्ष्य: क्रिएटिनिन कम करना और बची हुई किडनी की क्षमता बचाना।
अभी कदम उठाएँ, अगली रिपोर्ट का इंतज़ार नहीं
लक्ष्य: बीमारी की रफ़्तार धीमी करना और डायलिसिस को और दूर करना।
डायलिसिस के साथ सहारा
लक्ष्य: कम तकलीफ़, ज़्यादा ताक़त और बेहतर भूख। डायलिसिस अपने आप कभी बंद न करें, न छोड़ें।
अगली रिपोर्ट का इंतज़ार इलाज नहीं है।
आम इलाज
- अलग-अलग विशेषज्ञ जो आपस में बात नहीं करते
- आंकड़े बिगड़ने के बाद ही इलाज में बदलाव
- कुछ महीनों में एक बार रिपोर्ट की जांच
- डायलिसिस को ही अगला कदम बताया जाता है
डॉ. जोशी’ज
- एक टीम जो आपके नेफ्रोलॉजिस्ट वाली ही रिपोर्ट पढ़ती है
- आंकड़े बदलते ही इलाज में बदलाव
- किडनी के इलाज में 35 वर्षों की क्लिनिकल विशेषज्ञता
- हर स्टेज पर साफ़ लक्ष्य: बची हुई किडनी को बचाना
आपके किडनी प्लान के लिए तीन कदम।
- 1
30 सेकंड की जांच करें
तीन टैप और आपका मोबाइल नंबर। बस इतना ही।
- 2
हम आपको कॉल करते हैं
हमारी किडनी केयर टीम क्लिनिक के समय, सोम–शनि, सुबह 9 से रात 8 बजे, कॉल करके आपका कंसल्टेशन बुक करती है।
- 3
अपनी रिपोर्ट लेकर आएँ
हम आपके क्रिएटिनिन, eGFR और स्कैन आपके साथ पढ़ते हैं, आसान शब्दों में समझाते हैं और आपका प्लान बनाते हैं।
डायलिसिस से डर लगता है? आज ही हमारी किडनी टीम से बात करें।
अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट व्हाट्सऐप पर भेजें। हम बताएँगे उसका मतलब क्या है और आगे क्या करना है।
परिवार हमसे सबसे पहले क्या पूछते हैं।
क्या सच में डायलिसिस से बचा जा सकता है?
6 महीने नियमित इलाज लेने वाले 94% मरीज़ सालों से बिना डायलिसिस और बिना ट्रांसप्लांट के जी रहे हैं। आप पर इलाज कितना असर करेगा, यह आपकी स्टेज और नुकसान की वजह पर निर्भर करता है, इसलिए हम आपकी रिपोर्ट से शुरुआत करते हैं।
मुझे बताया गया है कि डायलिसिस नज़दीक है। क्या अब बहुत देर हो चुकी है?
हमेशा नहीं। कई मरीज़ यही सुनकर स्टेज 4 पर हमारे पास आते हैं। हम आपकी रिपोर्ट पढ़कर साफ़ बताते हैं कि क्या मुमकिन है। अगर डायलिसिस चल रहा है तो उसे जारी रखें; हमारा इलाज उसके साथ चलता है।
क्या मुझे अपनी मौजूदा दवाइयाँ बंद करनी होंगी?
नहीं। डॉक्टर की दी हुई दवाइयाँ अपने आप कभी बंद न करें। आपका इलाज जारी रहता है, और रिपोर्ट सुधरने पर ही कोई बदलाव आपके डॉक्टर के साथ किया जाता है।
क्या कमज़ोर किडनी के लिए आयुर्वेदिक दवाइयाँ सुरक्षित हैं?
दुकान से ख़रीदा चूर्ण CKD में ख़तरनाक हो सकता है। हम आपकी स्टेज के अनुसार दवाइयाँ चुनते हैं और हर विज़िट पर किडनी की जांच करते हैं, ताकि कुछ सूट न करे तो रिपोर्ट में तुरंत दिख जाए।
फ़र्क़ कब दिखने लगेगा?
ज़्यादातर मरीज़ों की रिपोर्ट में 6–12 हफ़्तों में मापने लायक फ़र्क़ दिखता है। एडवांस स्टेज, डायबिटीज या एक से ज़्यादा बीमारियाँ हों तो ज़्यादा समय लग सकता है।
कंसल्टेशन की फीस कितनी है?
₹500, क्लिनिक में या ऑनलाइन। दवाइयों की कीमत अलग होती है और इलाज शुरू करने से पहले साफ़ बताई जाती है।
क्या दूसरे शहर से कंसल्टेशन लिया जा सकता है?
हाँ। पूरे भारत में ऑनलाइन कंसल्टेशन होता है, और दादर, बोरीवली, ठाणे, पुणे और नासिक में क्लिनिक हैं।
अगली रिपोर्ट को और बिगड़ने न दें।
तीन छोटे सवालों के जवाब दें। हमारी किडनी टीम आपको कॉल करके कंसल्टेशन बुक करेगी।
- हमारी किडनी टीम आपकी रिपोर्ट पढ़ती है
- आपकी स्टेज के लिए प्लान
- क्लिनिक में या पूरे भारत में ऑनलाइन
